व्हाट्सऐप हो या जिंदगी
लोग स्टेटस ही देखते हैं
सलीका हो भीगी हुई आंखे पढ़ने का
तो बहते हुए आंसू भी बात करते हैं
दस्तक न दिया करो यूं बार बार दिल पर
सूने दिल में आवाज़ गूंजती है
ये सर्दियों का मौसम कोहरा का नज़ारा
चाय के दो कप और इंतजार तुम्हारा
एक दूजे को हमने निहारा मगर
ये पता न चला आइना कौन है
नराजगी बहुत नाज़ुक होती है
प्यार का स्पर्श मिलते ही ढेर हो जाती है
धोखा देने के हजार तरीके है
लेकिन सबसे घटिया तरीका
हमदर्दी का दिखावा करना है
कभी तुम नाराज़ हुए तो हम झुक जायेंगे
कभी हम नाराज़ हो तो आप गले लगा लेना
अपनी उदासियो में ढूंढ लेना मुझे
ये मुस्कुराटें तो दगाबाज होती हैं
किसी भूखे से पूछकर देखो
रोटी की खुशबू इश्क पर भारी है
एक फूल देना मुहब्बत नही है
जिंदगी भर फूलों की तरह रखना मोहब्बत है
एहसासों से भी दस्ताने लिखी जाती हैं मोहब्बत की
हर प्रेम कहानी कलम की मोहताज नहीं होती
मुझे परखने में पूरी जिंदगी लगा दी उसने
काश कुछ वक्त समझने में लगाया होता
खुदा के डर से हम तुमको खुदा तो नही कह सकते
मगर लुत्फ-ए-खुदा कहर-ए-खुदा शान-ए-खुदा तुम ही
गर हो जाय इश्क़ हमसे तो साझा कर लेना
कुछ हम रख लेंगे कुछ तुम रख लेना
जिन्हें याद करके मुस्कुरा दे ये आंखे
वो लोग दूर होकर भी दूर नहीं होते
एक इतवार ही तो है जो रिश्तों को संभालता है
बाकी दिन तो किश्तों को संभालने में निकल जाते है
दिल में खुशी हो तो छलक जाती हैं
मुस्कुराहटें वजह की मोहताज नहीं होती
घर की मजबूती का नुस्खा बूढ़ों ने बतलाया है
रिश्तों में दरवाजे रखो तुम दीवारों की जगह
सिलसिला यूं ही चलने देंगे शायरी का
हम भी तो देखें कब तक हमारे अल्फाज
आपके दिल तक नहीं पहुंचते
मुस्कुराहट की वजह बनू मैं हमेशा
बस इतना ही चाहिए ए जिंदगी तुझसे
जब कहे कोई मुझे जरूरत नही तुम्हारी
तो ठहर जाया करो
उस वक्त तुम्हारी उसे सक्त जरूरत होती है

